सादगी

मेरी सादगी और मासूमियत पर मुझे गुरूर है,क्या हुआ जो लोग अक्सर दगा दे जाते हैं…तस्सली बस इस बात की है,कम से कम, अपने नजरों में सर उठा कर जीते हैं… ✍🏻 Prabhamayee Parida

खुद से कर प्यार..

नादान थी पहले जो दूसरों पर इल्जाम लगाती थी,अपनी तकलीफों के लिए औरों को जिम्मेदार ठहराती थी, वक्त यूं गुजरता चला,खुद को ये मन बहलाता चला,किया भी शिद्दत औरों को खुश करने की,फिर भी प्यार में ठोकर मिलता चला, दिल को भुल कर जब दिमाग से किया सवाल,जवाब ये मिला “तुम हो बेमिसाल”,मगर गलती औरोंContinue reading “खुद से कर प्यार..”

खुद पे एहसान ना कर

खुद पे एहसान ना कर,जो दिल करे कर तू बेफिकर.. लोग रोकेंगे,बस तू रुक ना जाना,कभी टोके तो पीछे मुड़ ना जाना…माना की सफर आसान नही होगा,पर तू घबरा ना जाना..कभी ठोकर से गिर भी जाए,तो खुद को तू संभाल ही लेना… सफर में मुसाफिर भी मिलेंगे,कुछ भटका देते हैं तो कुछ सही राह भीContinue reading “खुद पे एहसान ना कर”

Self-assessment

सवाल ये नहीं की तुझे कोई समझा क्यूं नही,क्यूं की तेरी सख्शीयत उनके सोच के परे है..सवाल ये नहीं की तेरे जज्बातों को किसीने सुना क्यूं नही,क्यूं की वो मसरूफ है दिखावे में, की एहसास उनके समझ के परे है… तू क्या है ये तू खुद है जानता..तेरी काबिलियत ये दुनिया है मानता.. एक दफाContinue reading “Self-assessment”

शिखर

हर सुबह सूरज भी करे एक नई शुरुवात…फिर तू क्यूं हिचकिचाता है।शिखर पर पहुंचने की कोशिश में चींटी,गिरता है बार बार और बार बार वो चढ़ता है ।गिरते संभालते हर बार एक नई सिख मिलेगा तुझे…मगर हौसले बुलंद हो तो एक दिन शिखर खुद आवाज देगा तुझे… Written by Prabhamayee Parida